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आदमी और कुत्ता

Posted On: 13 Oct, 2014 Others,न्यूज़ बर्थ,social issues में

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कुत्ते परेशान हो सकते हैं। आदमी को लेकर ज्यादा गंभीर भी। असल में कुत्तों को आदमी की बीमारी होने लगी है।

अभी लुधियाना में एक कुत्ता बीमार पड़ा। उसका मालिक उसे डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने कुत्ते का एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और खून जांचने के बाद कहा कि इसे तो हाइपोथायराइडिज्म है। इस बीमारी में वजन बढ़ जाता है। बहुत सुस्ती रहती है। यह आदमी की बीमारी है। कुत्ते के मालिक को थी। कुत्ते को हो गई। डॉक्टर ने कुत्ते बीमारी के लिए मालिक और उसकी जीवनशैली को जिम्मेदार बताया। मालिक से कहा है कि आप जो दवा खाते हैं, वही कुत्ते को भी खिलाइए। यह बात सामने आनी बाकी है कि आदमी के खाने वाली दवा का कुत्ते पर क्या असर हुआ है? वह आदमी की तरह दुरुस्त हुआ है कि नहीं?

कुत्तों के लिए यह नई बीमारी है। अभी तक उनकी बीमारियां तय थीं, घोषित थीं। कुत्ते इसीलिए परेशान हो सकते हैं। वे मान सकते हैं कि अभी आदमी की बीमारी हो रही है। कल को उनमें आदमी की बीमारी की तरह उसकी आदतें भी आ सकती हैं। आदमी की तरह यह कुत्तों को भी बिगाड़ सकती हैं। आदमी, उसकी आदतें तो संपूर्ण ब्रह्मांड में खुलेआम हैं। कुत्तों ने इसे बहुत नजदीक से देखा है। अनुभव किया हुआ है। इसलिए वे अपने में आदमी की बीमारी की खबर से परेशान हो सकते हैं।

आदमी और कुत्ता का बड़ा पुराना वास्ता है। कुत्ता हमेशा आदमी के साथ रहा है। साथ दिया है। दोनों, एक-दूसरे को खूब पहचानते हैं। दोनों के साथ और समर्पण के हजारों किस्से हैं। धर्मग्रंथ में चर्चा है। किवदंती है। फिल्में बन चुकी हैं। लेकिन यह बात पहली बार आई है कि कुत्ते को आदमी की बीमारी होने लगी है। आगे …?

यह शोध का विषय हो सकता है कि आदमी के साथ युगों के संपर्क व संसर्ग के बाद कुत्तों में आदमी के कितने गुण आए हैं या आदमी ने कुत्तों से क्या सीखा है? यह भी कि कुत्तों में कभी आदमी बनने की तमन्ना आई या नहीं? और यह भी कि क्या कुत्ते अपनी जाति एवं गुण से पूरी तरह संतुष्ट हैं? इन लाइनों की कई-कई लाइनें हैं। सब अद्भुत, लाजवाब। शोध का नतीजा भी इसी तरह का होगा।

बहरहाल, कुत्ता हर देश और कालखंड में भरोसा और वफादारी की गारंटी रहा है। यह उसके खून में है। यह कुत्तों का घोषित गुणसूत्र है। उसके अस्तित्व का आधार है। वह इसको मेनटेन किए हुए है। इस पर कुर्बान हो जाता है। और आदमी, उसका गुणसूत्र, इसकी असलियत, उसका चरित्र, उसके कारनामे …, कुत्ते इसलिए परेशान हो सकते हैं।

कुरमुरी (भोजपुर) में आदमी और उसके कुकर्म को देखकर आखिर कौन कुत्ता चाहेगा कि वह धरती पर भगवान के सबसे खूबसूरत निर्माण, यानी आदमी और उसकी आदत के पास भी हो। दशहरा के दिन रावण वध के दौरान का हादसा, फिर इस पर निहायत सतही राजनीति, सिस्टम का जागना और सोना …, कुत्ते इसलिए भी परेशान हो सकते हैं। कुत्तों को अपनी जिम्मेदारी पता है लेकिन आदमी …?

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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Bhola nath Pal के द्वारा
October 14, 2014

इतनी ओछी राजनीति कुत्ते भी नही करना चाहेंगे | कुत्ते भी मनुष्य की आदतों से घबरातें हैं | अच्छा व्यंग | मैं आपसे सहमत हूँ | सादर |


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